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इंजीनियरिंग उत्कृष्टता के मजबूत आधार पर पाँच दशकों से आगे बढ़ते हुए और अपने विकास के अगले शानदार चरण में कार्यरत, बीएचईएल एकीकृत बिजली संयंत्र उपस्कर निर्माता है और भारत में अपने प्रकार की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग और विनिर्माण कंपनी है, जो अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों जैसे- पावर, ट्रांसमिशन, उद्योग, ट्रांसपोर्टेशन (रेलवे), नवीकरणीय ऊर्जा, तेल एवं गैस, जल और रक्षा की जरूरतों को पूरा करने के लिए 180 से अधिक उत्पादों के साथ व्यापक श्रेणी के उत्पादों एवं सेवाओं के डिजाइन, इंजीनियरिंग, विनिर्माण, निर्माण, परीक्षण, कमीशनिंग और सर्विसिंग का कार्य कर रहा है। बीएचईएल 1964 में अपने निगमन के बाद से ही भारत के भारी विद्युत उपस्कर उद्योग का आधार रहा है।

जैसे-जैसे बीएचईएल का विकास हुआ है, वैसे-वैसे भारत भारी विद्युत उपस्करों के घरेलू उत्पादन में आत्मनिर्भर हुआ है। देश में पावर प्लान्ट इक्विपमेंट के निर्माण के लिए उपलब्ध प्रतिवर्ष 35,000 मेगावाट क्षमता में से, 20,000 मेगावाट की एक विशाल क्षमता का निर्माण बीएचईएल अकेले करता है। इसके 17 विनिर्माण प्रभागों, 2 मरम्मत इकाइयों, 4 क्षेत्रीय कार्यालयों, 8 सेवा केंद्रों, 6 विदेश स्थित कार्यालयों, 6 संयुक्त उद्यमों, 15 क्षेत्रीय विपणन केंद्रों और संपूर्ण भारत तथा विदेशों में फैले 150 से अधिक परियोजना स्थलों पर चालू परियोजना निष्पादन का एक व्यापक नेटवर्क है, जो इसके प्रचालनों की व्यापकता और वृहद आकार की पुष्टि करता है।

वित्तीय वर्ष 2016-17 में, कम्पनी ने 8,539 मेगावाट के विद्युत उत्पादक उपस्कर कमीशन//सिंक्रोनाइज किए हैं। इसके साथ ही, कम्पनी की वैश्विक स्तर पर विद्युत उपस्कर उत्पादन की स्थापित क्षमता 178 गीगावॉट तक पहुंच गई है। उल्लेखनीय है कि परियोजना निष्पादन पर अधिक बल देने के परिणामस्वरूप बीएचईएल ने 12वीं पंचवर्षीय योजना (2012-17) के दौरान 45,274 मेगावाट की क्षमता वृद्धि की है जो कि बीएचईएल के लिए भारत सरकार द्वारा निर्धारित 41,661 मेगावाट से 9% अधिक है। इसके फलस्वरूप, बीएचईएल देश में लगातार विद्युत उत्पादन क्षमता वृद्धि करने वाला एकमात्र सबसे बड़ा योगदानकर्ता बना हुआ है।

वर्ष के दौरान, बीएचईएल द्वारा निर्मित थर्मल पॉवर जेनरेटिंग सेटों ने अब तक की सबसे अधिक, 549 बिलियन विद्युत इकाइयों का उत्पादन किया है जो कि देश में उत्पादित कुल थर्मल विद्युत का 58.2% है ।

इसके अलावा, बीएचईएल ने बेलारूस, भूटान, मिस्र, इंडोनेशिया, इराक, कजाखस्तान, मलेशिया, न्यूजीलैंड, ओमान, रवांडा, सूडान, ताजिकिस्तान और संयुक्त अरब अमीरात में लगभग 10,000 मेगावॉट संचयी स्थापित क्षमता के विद्युत संयंत्रों का निर्माण करके सभी छ: महाद्वीपों के 82 देशों में भी अपनी पहचान बनाई है। बंगलादेश में 13290 मेगावाट (2x660 मेगावाट) क्षमता की मैत्री सुपर थर्मल पॉवर परियोजना की स्थापना हेतु, 1.5 बिलियन अमरीकी डॉलर (रु. 10,000 करोड़) का ऑर्डर मिलना इस वर्ष का मुख्य आकर्षण रहा । उल्लेखनीय रूप से, यह अंतर्राष्ट्रीय बाजार से बी.एच.ई.एल. को मिला अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर है जो कड़ी अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के बाद प्राप्त हुआ है।

सौर ऊर्जा (एसपीवी) मे अपने 30 वर्षों से अधिक के अनुभव के उपयोग के लिए कम्पनी इस क्षेत्र में उभरते हुए अवसरों का लाभ उठा रही है। वर्ष के दौरान, एक ही वर्ष में 176 मेगावाट के एसपीवी मॉड्यूलों की आपूर्ति करके बीएचईएल ने देश की हरित पहल में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और सौर ऊर्जा व्यवसाय में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

बीएचईएल ने वर्ष के दौरान अब तक के सबसे अधिक 15,095 मेगावाट विद्युत उत्पादन उपस्कर चालू/ सिंक्रनाइज़ करके नया इतिहास रचा है। इसमें भारतीय युटिलिटी क्षेत्र में, विद्युत उत्पादन क्षमता में अब तक की सबसे अधिक 13,061 मेगावाट की वृद्धि शामिल है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 59% अधिक है। इसके परिणामस्वरूप, बीएचईएल ने बारहवीं योजना के प्रथम 4 वर्षों में ही इस योजना के लिए क्षमता वृद्धि लक्ष्य का 94% हासिल कर लिया है। देश में कमीशन किए जाने वाले सुपरक्रिटिकल सेटों में 55% बीएचईएल ने कमीशन किया, जो राष्ट्रनिर्माण के प्रति इसके बहुमूल्य योगदान का प्रमाण है।

बीएचईएल उत्पादों की उच्च स्तर की गुणवत्ता और विश्वसनीयता दुनिया की अग्रणी कंपनियों की सर्वोत्तम प्रौद्योगिकियों तथा अपने अनुसंधान एवं विकास केंद्रों में विकसित प्रौद्योगिकियों को अर्जित एवं आत्मसात करने के कारण है। बीएचईएल की विनिर्माण इकाइयां, अभियांत्रिकी केंद्र और पॉवर क्षेत्र, उद्योग क्षेत्र, अंतर्राष्ट्रीय परिचालन जैसे व्यवसायिक क्षेत्र गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली (आईएसओ 9001) प्रमाण प्राप्त कर चुके हैं। प्रमुख विनिर्माण इकाइयों और पॉवर सेक्टर के प्रभागों को पर्यावरण प्रबंधन प्रणाली (आईएसओ 14001) और व्यावसायिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली (OHSAS 18001) प्रमाण – पत्र भी मिल चुके हैं।

बीएचईएल की सबसे बड़ी ताकत, इसके लगभग 39,821 कर्मचारियों का अत्यंत कुशल और प्रतिबद्ध कार्यबल है, जो बीएचईएल की सफलता का आधार रहा है। कम्पनी और इसके कर्मियों की उत्कृष्टता विभिन्न राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर सराही जा चुकी है। कुछ उल्लेखनीय पुरस्कार हैं – “भारत में काम करने के लिए 25 श्रेष्ठ कम्पनियों में एक ”, “प्रधानमंत्री श्रम पुरस्कार”, “विश्वकर्मा राष्ट्रीय पुरस्कार ”, “राष्ट्रीय सुरक्षा पुरस्कार” और “कौशल विकास हेतु प्रधानमंत्री द्वारा प्रशंसा” ।

इसके अतिरिक्त, बीएचईएल के मूल में संधारणीय विकास की अवधारणा निहित है, जो इसके मिशन स्टेटमेन्ट "ऊर्जा, उद्योग और बुनियादी सुविधा के क्षेत्र में संधारणीय व्यवसाय समाधान प्रदान करना" से स्पष्ट है। इसके एक चरण के रूप में, भारत सरकार द्वारा बुनियादी सुविधाओं पर भारी मात्रा में किए जा रहे खर्च का लाभ उठाने के लिए कम्पनी के अंदर नए आयाम सृजित करने पर बल दिया जा रहा है। इसके लिए, सोलर में ईपीसी समाधान और परिवहन, रक्षा एवं अन्य औद्योगिक उत्पादों के अलावा, थर्मल क्षेत्र में पर्यावरण के अनुकूल सुपर क्रिटिकल प्रौद्योगिकी ऑफर करके संधारणीय ऊर्जा के विकास पर विशेष बल दे रही है, ताकि विकास की दिशा में आगे बढ़ते रहें।

 
 

 
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