बीएचईएल संयुक्त राष्ट्र के ' वैश्विक समझौते' में शामिल हो गया है तथा इसे समर्थन देते हुए और इसके दस सिध्दांतों में समाहित विशिष्ट मूल्यों के प्रति वचनबध्द है। ' वैश्विक समझौता' संयुक्त राष्ट, व्यावसायिक समुदाय, अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक और गैर-सरकारी संगठनों के बीच साझेदारी है। यह विरोध करने के बजाए सहयोग के माध्यम से उनको मिलकर काम करने और कॉर्पोरेट परम्पराओं में सुधार के लिए एक मंच उपलब्ध कराता है।
बीएचईएल ने सीएसआर योजना बना ली है सीएसआर पर अपने मिशन अभिकथन है: ' एक प्रतिबध्द कॉर्पोरेट नागरिक बनना और कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व के प्रति सक्रिय रहना।
पर्यावरण प्रबंधन के माध्यम से बीएचईएल के अभी तक के कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व में गाँवों को अपनाना , मुफ्त चिकित्सा शिविर/चैरिटेबल औषधालय, शोषित और विकलांग बच्चों के लिए विद्यालय, बाल श्रम पर प्रतिबंध, विपत्ति/प्राकृतिक आपदा सहायता, विकलांगों के लिए रोजगार, विधवा पुनर्वास, भूतपूर्व सैनिकों के लिए रोजगार, ट्रीटेड सीवेज का प्रयोग करके सिंचाई, प्रदूषण जांच शिविर, लाखों पौधों का रोपण, ऊर्जा बचत और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण शामिल हैं।
सामाजिक प्रतिबध्दता के हिस्से के रूप में कंपनी में 3626 अधिनियम प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया गया, विभिन्न प्रोफेशनल संस्थानों के 7011 छात्रों/प्रशिक्षणार्थियों को रोजगारपरक प्रशिक्षण दिया गया। लगभग 80,000 की आबादी वाले 56 गांवों को गोद लिया गया1 इसके अलावा बीएचईएल देश में समाज कल्याण गतिविधियों में कार्यपरक विभिन्न स्वैच्छिक संस्थाओं/ट्रस्टों/समाज कल्याण सोसायटियों को वित्तीय सहायता भी देता है।
बीएचईएल पर्यावरण और व्यावसायिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा (ओएचएस)से संबंधित मुद्दों पर बढ़ती हुई चिंता के प्रति सचेत है तथा इसके अपने संस्थानों में और उनके आसपास पर्यावरण संरक्षण हेतु और अपने सभी कर्मचारियों को सुरक्षित एवं स्वस्थ पर्यावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबध्द है। इन दायित्वों को पूरा करने के लिए प्रबंधन प्रणालियों के माध्यम से एक स्वास्थ्य , सुरक्षा एवं पर्यावरण नीति तैयार की गई और उसे कार्यान्वित किया गया।
इसकी मान्यता स्वरूप बीएचईएल को मैसर्स डेट नोर्सके वेरिटाज (डीएनवी) से पर्यावरण प्रबंधन प्रणाली प्रमाणीकरण आईएसओ 14001 तथा व्यावसायिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली प्रमाणीकरण ओएचएसएएस 18001 प्राप्त हुए हैं। पर्यावरण के क्षेत्र में विशिष्ट सेवाओं के लिए यूएनडीपी कार्यक्रम के अंतर्गत बीएचईएल ने एक प्रदूषण नियंत्रण अनुसंधान संस्थान (पीसीआरआई) स्थापित किया है। बीएचईएल ने तिरुची में व्यावसायिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक मॉडल केन्द्र भी स्थापित किया हुआ है, जो भारत में इस क्षेत्र में अगुआ है। आज यह वृध्दि करने हेतु कार्य वातावरण मॉनीटरिंग, विष-विज्ञान, अर्गनॉमिक्स और व्यावसायिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के संगठन में व्यावसायिक स्वास्थ्य देखभाल तथा विशेषज्ञता को व्यापकता उपलब्ध कराता है। अफ्रीकन देशों से कुछ उम्मीदवारों ने अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के सौजन्य से इस मॉडल केन्द्र पर प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
बीएचईएल ऊर्जा अनुसंधान संस्थान (टीईआरआई) द्वारा शुरू किए गए सीओआरई (पर्यावरण के लिए रणनीतियों के विकास पर कॉर्पोरेट गोलमेज) का एक सदस्य है। सीओआरई को भारत में महामारी फैलाने वाली पर्यावरण समस्याओं पर ध्यान देने हेतु उद्योग के लिए अति सक्रिय और उत्प्रेरक भूमिका अदा करने तथा स्थायित्व के प्रतिमान के लिए उद्योग की सहायता करने हेतु एक साधन के रूप में लिया गया है। सीओआरई अब डब्ल्यू बीसीएसडी (विश्व व्यावसायिक सतत विकास परिषद) का एक हिस्सेदार संगठन है। इसने डब्ल्यूवीसीएसडी के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं , जिसे अब सीओआरई-बीसीएसडी, भारत के रूप में जाना जाता है। बीएचईएल, टीईआरआई और डब्ल्यूबीसीएसडी जैसी कम्पनियों के बीच अंतरापृष्ठ, वैश्विक स्तर पर सतत विकास के मामलों पर ध्यान देने तथा सहयोगी कम्पनियों के अनुभव से सीखने एवं उसका आदान-प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण सम्प का कार्य करेंगे।
पर्यावरण मुददों पर बीएचईएल की प्रतिबध्दता इसके मुख्य व्यवसाय के एक अटूट हिस्से के रूप में है अपारंपरिक एवं अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में बीएचईएल ने पवन विद्युत जेनरेटर , सोलर हीटिंग सिस्टम, सोलर फोटोवोल्टईक सिस्टम, सौर लालटेन और बैटरी चालित वाहनों जैसे उत्पादों को सफलतापूर्वक गबनाया है। कम NOx, तेल/गैस बर्नर , सीएफबीसी बॉयलरों आदि के द्वारा फॉसिल ऊर्जा उत्पादों के प्रभाव को कम करने के लिए प्रौद्योगिकी को उन्नत बनाया गया है।
|