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संबंधित प्रौद्योगिकियों के लगातार उन्नयन तथा नए उत्पादों के निरंतर विकास पर अत्यधिक बल देता है। बीएचईएल की प्रौद्योगिकी के उन्नयन में वचबध्दता , फ्यूल सेल्स और सुपर कंडक्टिंग जनरेटरों जैसी भविष्य की प्रौद्योगिकियों के विकास में इसके शामिल होने से प्रदर्शित होती है। बीएचईएल का अनुसंधान एवं विकास में निवेश, भारत में कॉर्पोरेट सेक्टर के विशालतम निवेशों में है। 2010-11 में बीएचईएल ने 10,050 मिलियन रुपए अनुसंधान एवं विकास पर खर्च किए हैं जो पिछले वर्ष से 21 % अधिक है।

बीएचईएल में अनुसंधान एवं विकास तथा प्रौद्योगिकी विकास का रणनीतिक महत्व है , क्योंकि यह प्रतिस्पर्धी वातावरण में काम करता है, जहां पर प्रौद्योगिकी मुख्य तत्व है। बीएचईएल , ारा किए गए प्रौद्योगिकी विकास प्रयासों से बीएचईएल करीब हर रोज एक पेटेंट फाइली कर सका है, जिससे कंपनी की बौध्दिक पूंजी में वृध्दि हुई है। 2010-11 में बीएचईएल ने 303 पेटेंट एवं कॉपीराइट फाइल किए जिससे कंपनी की बौध्दिक पूंजी बढ़कर 1438 पेटेंटों और फाइलों की हो गई है, जिनका कंपनी के व्यवसाय में उत्पदकताकारी उपयोग होता है1 इस वर्ष काफी पेटेंट एवं कॉपीराइट मिले हैं। वर्ष के दौरान 91 पेटेंटों एवं कॉपीराइट प्रदान किए गए। वर्तमान में 532 पेटेंट एवं कॉपीराइट प्रयोग में हैं। इकॉनामिक टाइम्स इंटेलीजेंस ग्रुप के अनुसार भारत में पेटेंट फाइल करने में बीएचईएल नम्बर एक कंपनी है।

महत्वपूर्ण रूप से भारत की उन चार कंपनियों में एक है और अकेला सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम है जो यूज एंड कंपनी की दि ग्लोबल इन्नोवेशन 1000 में शामिल है, यह सार्वजनिक रूप से व्यापार करने वाली 1000 कंपनियों की सूची है, जिन्होंने विश्व में अनुसंधान एवं विकास पर सबसे अधिक खर्च किया है। बीएचईएल ने ' हाइटेक कॉर्पोरेट' वर्ग में प्रतिष्ठित सीआईआई थाम्पसन रियुटर्स इन्नोवेशन अवार्ड 2010 जीता है। यह पुरस्कार पेटेंट प्रशस्ति द्वारा मापित पेटेंटों की संख्या और उन्नयन की कार्यकुशलता एवं प्रभाव पर आधारित भारत में बीएचईएल के उन्नयन एवं उद्यमिता को मान्यता प्रदान करता है।

कंपनी का हैदराबाद स्थित अनुसंधान एवं विकास प्रभाग बीएचईएल की उत्पाद शृंख्ला के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बीएचईएल के अनुसंधान प्रयासों का नेतृत्व करता है। कंपनी के सभी विनिर्माण प्रभागों में अनुसंधान एवं उत्पाद विकास (आरपीडी) केन्द्र एक अनुपूरक भूमिका निभाते हैं। हाल ही बीते समय में आंतरिक अनुसंधान एवं विकास के द्वारा कई आधुनिक उत्पाद और विकसित उत्पादों एवं प्रणालियों का वाणिज्यिीकरण किया गया है , जिससे 77,580 मिलियन रुपए की आय, जो वर्ष 2010-11 में कंपनी के कुल कारोबार का 21 % है।

स्वच्छ प्रौद्योगिकी की राष्ट्रीय प्रतिबद्धता के अनुरूप बीएचईएल ने इंटिग्रेटिड गैसीफिकेशन कंबाइंड साइकिल (आईजीसीसी)विद्युत संयंत्रों के लिए प्रौद्योगिकी विकसित की है और देश में एडवांस अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल विद्युत संयंत्रों के विकास पर काम कर रहा है | बीएचईएल सक्रिय रूप से भावी क्षेत्रों की कई परियोजनाओं यथा स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकी , नैनो प्रौद्योगिकी , ईंधन सैल , सुपर कंड्क्टिविटी , सुपर कंड्क्टिविटी एवं थिन फिल्म , सोलर सैल आदि पर कार्य कर रहा है ताकि पावर एवं उद्योग के लिए प्रौद्योगिकी को उन्नत बनाया जा सके | संगठन की इंजीनियरी एवं प्रौद्योगिकी के स्वरूप को उन्नयन एवं अनुसंधान तथा विकास पर अधिक बल देकर और अधिक निखारा जाएगा |

 
 

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