वेल्डिंग अनुसंधान संस्थान (डब्ल्यू आर आई) की स्थापना भारत सरकार तथा यूनिटों द्वारा यूएनडीपी के सहयोग भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड तिरुचिरापल्लि, भारत के प्रबंधन के अंतर्गत नवम्बर, 1975 में हुई । वेल्डिंग अनुसंधान संस्थान लगातार नवीनतम प्रौद्योगिकी तथा अनुभव को आत्मसात करने के लिए अपने ज्ञान के आधार को अद्यतन (अपडेट) करने हेतु विश्व के प्रसिद्ध संस्थानों के साथ लगातार संपर्क में है ।
इस संथान की स्थापना भारतीय वेल्डिंग उद्योगों की आवश्यकताओं को पूरा करने तथा वेल्डिंग एवं इससे जुड़ी प्रौद्योगिकियों के विकास में योगदान करने के लिए की गई है । संस्थान की मुख्य गतिविधियों में शामिल हैः
- विभिन्न वेल्डिंग प्रक्रियाओं पर अनुसंधान एवं विकास
- धातुकर्मीय जांच
- वेल्डिंग में ज्ञान का प्रसार
- परामर्श सेवाएं
इस संबंध को निम्नलिखित मान्यताएं मिल चुकी हैः
- वेल्डिंग इलेक्ट्राड की परीक्षा के लिए मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा मान्यता
- भारतीय बॉयलर बोर्ड (आईबीबी) द्वारा वेल्डरों के प्रशिक्षण एवं प्रमाणीकरण के लिए मान्यता
- सेरालिक एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर एस्टिंग एंड केलिब्रेशन लेबेरेटरिज (एनबीएस) द्वारा अच्दी सुविधाओं से युक्त प्रयोगशाला के रूप में मान्यता
- भारतीदसन विश्वविद्यालय, तमिलनाडु, भारत द्वारा डाक्टरेट अनुसंधान केन्द्र के रूप में मान्यता
- इस संस्थान में विभिन्न देशों में वेल्डिंग तथा अनुषंगी क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्राप्त 10 डाक्टरेट और 21 पोस्ट-ग्रेजुएट कार्यरत हैं और यह आधुनिकतम सुविधाओं से युक्त है । 2000 से अधिक कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है और 120 संगठनों को 2000 परामर्श सेवाएं दी गई हैं । जिन उद्योगों को यह सेवा प्रदान की गई है उनमें हेवी इंजीनियरी पावर पेट्रोकेमिकल्स, परिवहन, धातु प्रसंस्करण, जल पोत निर्यात, उपभोग्य वेल्डिंग उपकरण, इलेक्ट्रानिक्स उद्योग आदि शामिल हैं ।
आज तक 9 उत्पादों के तकनीकी ज्ञान से प्रौद्योगिकी हस्तांतरण हुआ है, लगभग 18 पेटेंट सील हो चुके हैं, 50 से अधिक पुरस्कार प्राप्त हुए हैं और 600 शोध पत्र राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय जर्नलों में छप चुके हैं । औद्योगिक वेल्डिंग प्रौद्योगिकी पर एक संदर्भ पुरस्कार का लेखन डब्ल्यूआरआई ने किया है, और इसे सेन्ट्रल इंस्ट्रक्शनल मीडिया इंस्टीटय़ूट (सीएमआईआर) चेन्नै ने वेल्डिंग कर्मियों के उपयोग के लिए किया है । संस्थान में किए गए महत्वपूर्ण शोध कार्य संस्थान के जर्नल डब्ल्यूआरआई जर्नल में प्रकाशित होते हैं । संस्थान की विशेषज्ञताओं में शामिल हैं :
उपकरण विकास विशेष प्रयोगनार्थ अपेक्षानुसार वेल्डिंग मशीनों की डिजाइन फैब्रिकेशन, स्पेइंक एवं क्लेडिंग सिस्टम, प्रतिरोधी वेल्डिंग मशीनों के लिए फीड बैक कन्ट्रोलर, आर्क वेल्डिंग मशीन के लिए सीम ट्रेकर, इन-सिटु मेटलोग्राफिक पोलिशिंग किट ।
प्रौद्योगिकी विकासः नवीनीकरण एवं ऑटोमेशन सभी प्रकार एक समान एवं असमान सामग्री के लिए जोड़ने की पद्धति और नई प्रक्रियाओं एवं तकनीकों को लागू करना ।
प्रबंधन सहयोग सेवाएं: वेल्ड एवं गुणवत्ता ऑडिट के माध्यम से उत्पादकता एवं गुणवत्ता में सुधार, संयंत्र की रूप रेखा का खाका, विनिर्माण सहयोग, रेट्रोफिटिंग एवं आधुनिकीकरण, कर्मचारियों का स्वास्थ्य एवं सुरक्षा ।
मरम्मत एवं पुर्नरूद्धारः मरम्मत कार्यविधि की सिफारिश, मरम्मत के दौरान देखरेख और मरम्मत व पुनरूद्धार कार्य करना । वेल्डिंग कार्यविधि विवरणः नई सामग्री की वेल्डिंग का आकलन, प्रेशर वेसल के अनुसार वेल्डिंग कार्यविधि स्थापित करना, ढांचागत वेल्डिंग या लागू कोड और वेल्डिंग कार्यविधि विशिष्टयां तैयार करना ।
विद्युत एवं प्रसंस्करण संयंत्रों की शेष कार्य अवधि का आकलनः एनडीटी एवं इन-सिटय़ु मेटलोग्राफी द्वारा क्षतिग्रस्त एवं धातुकर्मीय स्थितियों का आकलन और प्रचालन-हटाना, मरम्मत समाधान ।
इंजीनियरी सेवाएं: प्रायोगिक एवं सैद्धांतिक दबाव विश्लेषण, वेल्ड डिजाइन संस्तुति ढांचागत मजबूती विश्लेषण, अवशिष्ट दबाव मापदंड विकृति का पूर्वानुमान एवं नियंत्रक ।
परीक्षा एवं निरीक्षण सेवाएं: वेल्डिंग जोड़ों की मैकेनिकल केमिकल्स तथा नॉन-डस्ट्रक्टिव परीक्षण, वेल्डिंग उपभोग्य एवं विद्युत स्रोतों का परीक्षण एवं मूल्यांकन ।
मानव संसाधन विकासः वेल्डिंग तथा एनडीटी में वेल्डरों एवं पेशेवरों का प्रशिक्षण शिक्षा और प्रमाणन ।
उद्योगों को उत्पादन सहयोगः औद्योगिक उत्पादों की वेल्डिंग तथा सर्फेंसिंग में जॉबिंग सेवाएं । |