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हमारी सीएसआर नीति

बीएचईएल, एक वैश्विक इंजीनियरिंग उपक्रम जो बेहतर कल के लिए समाधान प्रदान करता है, समय-समय पर संशोधित कंपनी अधिनियम, 2013 की अनुसूची-VII के दायरे में सीएसआर गतिविधियां आरंभ करके समाज के सर्वांगीण कल्याण की दिशा में प्रतिबद्ध है।हालांकि, सीएसआर गतिविधियों के लिए निम्नलिखितमहत्व केक्षेत्र होंगे:

  • संयुक्त भारत : आजीविका संवर्धन / आय में वृद्धि के माध्यम से भूख और गरीबी में कमीलाना, व्यावसायिक कौशल प्रदान करना;
  • स्वस्थ भारत: निवारक स्वास्थ्य देखभाल और खेल सहित स्वास्थ्य सेवा को बढ़ावा देना;
  • स्वच्छ भारत: स्वच्छता तथा सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना, नदियों को साफ और संरक्षित करना, स्वच्छ परिवेश; स्कूलों मेंविशेष रूप से लड़कियों के लिए शौचालय;
  • शिक्षित भारत: प्राथमिक विद्यालय स्तरपर ड्रॉपआउट को कम करने को महत्वदेते हुए अनौपचारिक शिक्षा, उपयोगी शिक्षा, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देना;
  • उत्तरदायी भारत: महिला सशक्तिकरण, वृद्ध-आश्रम बनाना, वरिष्ठ नागरिकोंके लिएडे केयर सेंटर औरऐसी अन्य सुविधाएं;ग्रामीण विकास और झोपड़पट्टी विकास परियोजनाएं स्थापित करना।
  • ग्रीन इंडिया: सौर ऊर्जा आधारित परियोजनाओं को महत्व देते हुए पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित करना;
  • विरासत भारत: राष्ट्रीय विरासत, कला और संस्कृति का संरक्षण;

उपरोक्त महत्व के क्षेत्रों में समाज के वंचित, उपेक्षित और कमजोर वर्गों को प्राथमिकतादी जाएगी।कंपनीसीएसआर गतिविधियों के लिए निर्धारित राशि का कम से कम 75% व्यय स्थानीय क्षेत्रों में करेगी।बकाया राशि का उपयोग स्थानीय क्षेत्रों से बाहर किया जा सकता है।हालांकि, 75:25 अनुपातपर पहुंचते समय, जहां कंपनीके लिए क्षेत्र के साथ-साथ स्कोप को परिभाषित करना संभव नहीं है, केंद्र सरकार की योजनाओं में दिए योगदानको छोड़ दिया जाएगा।

सीएसआर गतिविधियों को यथासंभव परियोजना के रूप में ही लेना वांछनीय है।हालांकि, केंद्र सरकार योजनाओं में किए गए किसी भी योगदान को छोड़ दिया जाएगा।इसकी निरंतर उपयुक्तता, पर्याप्तता और प्रभावकारिता सुनिश्चित करने के लिए इस नीति की आवधिक समीक्षा की जाएगी।

बीएचईएल सीएसआर नीति, 2017

पिछले पृष्ठ मे वापस जाएं | पृष्ठ अंतिम अद्यतन तिथि : 20-10-2020